Jai Baba Pashupatinath #3

(Shrikanth and Urvashi) श्रीकांत: उर्वशी, तुम मेरे उर में ऐसी बसी हो कि मैं आपने बस में नहीं हूँ
उर्वशी: तो आपने बाप से कहते क्यों नहीं कि मैं उर्वशी से प्यार करूंगा
श्रीकांत: कहते हूँ, मानेंगे नहीं, हमारे तुम्हारे ज़ात का प्रष्ण उठा देंगे
उर्वशी: तो तुम आपनी ज़ात देखो, मैं आपनी ज़ात देखूंगी
श्रीकांत: उर्वशी, सुनो तो, उर्वशी, थोड़ा और धीरज रखो, मैं आपनी माँ को मनाऊंगा


(Santu, Shrikanth's father, Shrikanth's mother)
मालिक, दूध
सन्तु, दूध में मलाई नहीं आती
आप तो जानते हैं मालिक, कल बहुत बारिश हुई थी, गाय भीगी थी, हाँ
बेवकूफ
हाँ हाँ क्या क्या
श्रीकांत कहाँ है
कहीं पतंग उड़ा रहे होंगे, उर्वशी के साथ
नोंक चोक यह तो उम्र होती है, मालिक
श्रीकांत उस लड़की से रोज़ मिलता है
जब से मैने समझाया, तीन चार बार नहीं, सिर्फ एक बार मिलने को जाते है, मालिक
श्रीकांत का ब्याह जल्दी ही करना पड़ेगा
सवित्री, श्रीकांत की माँ
क्यों चिल्ला रहे हो, कौनसा पहाड़ टूटनेवाला है
तुम्हारे लाड़ला रसिया तुड़ानेवाला है
उसे जल्दि ब्याह के बन्धन में बाँधना होगा
कोई लड़की है तुम्हारे दृष्टि में
हाँ, आपनी ही ज़ात की, एक सुन्दर, सुशील, संस्कारी कन्या, बेचारी गरीब लड़की है
यह लो, पहले नुटिया डूब गाई। एक दमड़ी भी दहेज़ नहीं मिलेगी
पशुपतिनाथ की दया से, हमारे पास किस चीज़ की कमी है
तुम कहाँ लखपति के घर से आई हो
लेकिन मेरे बाप के दहेज़ में कपड़े, पत्ते, और दूध पीने के लीए गाय तो दी थी
बूढ़ी गाय जिस्से मेरे ससुरजी ने आपने बिमार माँ गोदान के लिए ख़रीदी थी। माँ ने मरी, कब दहेज़ में
दामादजी को दे थी
देखोजी, गड़े मुरदा उखड़ादोगे ठीक नहीं होगा। बात करने है, लड़की की बात करो
मुझे वो लड़की पसंद
आपको एक लड़की पसंद है, मुझे भी एक लड़की पसंद है
बेता, तुम्हारे उस पसंद को है मै अच्छी तरह जानता हूँ,
कई मनचलो उसे पसंद करते है
जी नहीं, वो सिर्फ मुझे पसंद करते है
वो तुम्हारी सुख और संपत्ति को पसंद करते हैं
किसि ने अवश्य आपकी कान भर दिया है
पिताजी, उर्वशी बहुत अच्छी लड़की है
तुम इंद्र के आँखों से उर्वशी को देख रहे हो
वो हमारे घर की बहू बनने योग्य नहीं है
उस्से बुराई क्या है
हमसे छोटी ज़ात की है
तो क्या हुआ। गंगा गंदी नाली का पानी को भी, गंगा बना देती है
नहीं श्रीकांत नहीं, तुम्हारे पीछे हम आपना कुलभ्रष्ट होने नहीं देंगे
हमें तुम्हारे के लिए जो लड़की पसंद की है। वो रूप, गुण, सुंदरता मे उर्वशी से बढ़कर है
मैने मरते समय उसे बाप वचन दिया था
मैने उर्वशी को वचन दिया है
तेरा वचन जाए भाड़ मे
मै उस चुड़ैल को घर मे घुसने नहीं दूंगी
तो मैं घर छोड़ दुंगा
अच्छा। तु उस चुड़ैल के लिए घर छोड़ देगा। माँ बाप को छोड़ देगा, आवारा, बदमाश
हे भगवन् किस जन्म का बहेरि पैदा किया है
आप लोग मुझे कोसिए, मर दियें, कुछ भी कीजिए